प्रयागराज, जनवरी 25 -- प्रयागराज। हिंदी साहित्य सम्मेलन में संस्कृति मंत्रालय के ज्ञान भारतम परियोजना के तहत दुर्लभ पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। प्रकल्प के तहत 12000 पांडुलिपियों के लगभग 10 लाख पेज का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इसमें अभी तक 1800 पेज का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। शनिवार को परियोजना के निदेशक डॉ. अनिर्बान दास ने हिंदी साहित्य सम्मेलन के हिंदी संग्रहालय में डिजिटलीकरण प्रक्रिया का निरीक्षण किया। सम्मेलन के प्रधानमंत्री कुंतक मिश्र ने बताया दान मनोहर, यज्ञोपवीत विधि, वाशिष्ठिकी, ग्रहशांति विधि, काव्य प्रकाश, रघुवंश, हेमाद्रि प्रयोग, आख्यात रूपावली जैसी चालीस से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण हो चुका है। संग्रहालय प्रभारी दुर्गानंद शर्मा के अनुसार डॉ. दास ने फरवरी में दिल्ली में आयोजित होने वाले वैश्विक एआई शिखर सम...