देहरादून, नवम्बर 7 -- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तभी सार्थक है जब यह नैतिकता और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ा हो। ये बात उत्तरांचल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर हिमाचल विवि के कुलपति पद्मश्री प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी ने कही। लाइब्रेरी एंड टेक्नोलॉजी ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड ह्यूमैनिटीज इन एजुकेशन पर आयोजित इस कार्यशाला में विवि के कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि ने एजुकेशन 4.0 के बारे में बताते हुए कहा कि तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग सीखने की प्रक्रिया को अधिक रचनात्मक बनाता है। सम्मेलन में सतत विकास के लिए नैतिक व जिम्मेदार एआई और पर्यावरणीय स्थिरता में एआई की भूमिका जैसे विषयों पर पैनल डिस्कशन हुए। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रोफेसर मालिका पायल ने किया और समापन प्रो. डॉ. रीता रौतेला के आभार प्रस्ताव से हुआ। कार्यशाला में ...