रिषिकेष, मार्च 22 -- श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश में रविवार को पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ, जिसमें जीवन विज्ञान में अनुप्रयुक्त जीनोमिक्स, आणविक निदान और अनुवादात्मक अनुसंधान में उन्नत प्रणालियों में नये आयाम विषय पर विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला का शुभारंभ परिसर निदेशक प्रो. एमएस रावत ने किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक आणविक तकनीकियों से रोगों की पहचान और जांच में तेजी आई है। प्रयोगशालाओं में एआई ने बीमारियों की पहचान की गति और सटीकता को नये आयाम दिए हैं। माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. एके देशमुख ने सभी प्रतिभागियों से अनुशासित रूप से सीखने और अपनी क्षमता को विकसित करने पर जोर दिया। कार्यशाला समन्वयक एवं डीएनए लैब के प्रबंधक निदेशक डॉ. नरोत्तम शर्मा ने बताया कि कार्यशाला के उद्दे...