मुजफ्फरपुर, फरवरी 5 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। अब लीची की निगरानी एआई तकनीक से होगी। इसके लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। ये बातें आईसीएआर-सीआईएसएच लखनऊ के पूर्व निदेशक डॉ. शैलेन्द्र राजन ने कही। वे राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुशहरी में बुधवार से शुरू दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला सतत लीची उत्पादन एवं मूल्य शृंखला प्रबंधन हेतु वैज्ञानिक नवाचार पर आयोजित है। उन्होंने कहा कि अब तक ड्रोन से सिर्फ लीची के पेड़ों पर दवा छिड़काव का काम होता था। अब ड्रोन में लगे सेंसर की मदद से लीची में तापमान और कीट व्याधि व मंजर से लेकर फल तैयार होने तक की निगरानी आसान हो जाएगी। उन्होंने कहा किसान जलवायु अनुकूल लीची के पौधे को लगाएं। कहा सर्वप्रथम लीची चीन से ही आई थी। हमे देखना होगा यहां से चीन बॉर्डर तक अलग...
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