नई दिल्ली, फरवरी 16 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। स्वास्थ्य देखभाल में एआई तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई तकनीकें डाक्टर और तकनीशियन की जगह नहीं ले सकती हैं, लेकिन इनके इस्तेमाल से उनकी कार्यक्षमता में इजाफा हो सकता है। एआई तकनीकें बीमारियों की जांच और जल्द पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इससे स्वास्थ्य तंत्र की पहुंच भी बढ़ेगी। लेकिन एआई तकनीकों से मिलने वाली सूचनाओं के बावजूद बीमारी के निर्धारण में अंतिम निर्णय डाक्टर का ही होगा। समिट के पहले दिन सोमवार को स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई तकनीकों के इस्तेमाल को लेकर परिचर्चा की गई। इस दौरान नेशनल हेल्थ अथारिटी के सीईओ डा. सुनील कुमार बर्नवाल ने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल में एआई तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है। इससे बीमारियों की जांच और पहचान में...
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