नई दिल्ली, जून 5 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को सिर्फ कानूनी मुश्किलों का सोर्स मानने के बजाए, एक मददगार और असरदार न्याय के संवैधानिक वादे को आगे बढ़ाने के लिए एक ताकतवर जरिया के तौर पर भी देखा जाना चहिए। यह भी पढ़ें- AI का चौंकाने वाला सच! 2030 तक 130 करोड़ लोगों जितना पानी खत्म कर सकता AI, UN रिपोर्ट में बड़ा खुलासाएआई का उपयोग सीजेआई सूर्यकांत ने कहा है कि एआई अब कोई अंदाजे वाली तकनीक नहीं है, बल्कि यह एक परिचालन वास्तविकता है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए सबसे जरूरी टेस्ट में से एक है।एआई और न्याय सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि 'कोई तकनीक अपने आप में न तो अच्छी होती है और न ही अपने आप में नुकसानदायक।एआई के अनुप्रयोग सीजेआई ने बताया कि सरकारें अब वेलफ...