प्रयागराज, अक्टूबर 2 -- मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में शुक्रवार को तीन दिनी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। गणित विभाग की ओर से आयोजित सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता में गणित की भूमिका पर चर्चा की। कहा कि गणित की जटिल दिखने वाली अवधारणाएं आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, सुरक्षित संचार और चित्र प्रसंस्करण जैसी तकनीकों को बेहतर बनाने में मदद करेंगी। मुख्य अतिथि इविवि के सेवानिवृत्त प्रो. रामजी लाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास केवल अधिक आंकड़ों और तेज कंप्यूटरों से संभव नहीं है। इसके लिए मजबूत गणितीय आधार भी जरूरी है। बीज गणित और टोपोलॉजी जैसी गणित की शाखाएं मशीनों को जटिल संरचनाओं और उनके बीच संबंधों को समझने में मदद कर सकती हैं। इससे मौसम क...