नई दिल्ली, जून 5 -- देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को सिर्फ कानूनी मुश्किलों का सोर्स मानने के बजाए, एक मददगार और असरदार न्याय के संवैधानिक वादे को आगे बढ़ाने के लिए एक ताकतवर जरिये के तौर पर भी देखा जाना चहिए। सीजेआई सूर्यकांत लंदन यूनिवर्सिटी के बर्कबेक कॉलेज में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेशनल लॉ' विषय पर आयोजित एक व्याख्यान को संबोधित करते हुए यह बात कही। सीजेआई ने कहा कि एआई अब कोई अंदाजे वाली तकनीक ‌नहीं, बल्कि यह एक परिचालन वास्तविकता है और यह अंतर्राष्ट्रीय कानून के लिए सबसे जरूरी टेस्ट में से एक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस दशक में किए गए फैसले तकीनीकी, पावर, आजादी और न्याय के बीच भविष्य के रिश्ते को तय करेंगे। यह भी पढ़ें- एआई को मुश्किलों को सोर्स नहीं, एक मददगार औ...