नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- आज का जमाना आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस का है। एआई डिवाइस लोगों की मदद करने और उनके काम को आसान बनाने के लिए होते हैं। लेकिन इन्हीं एआई डिवाइस से लोगों की प्राइवेसी लीक होने का भी खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। पब्लिक जगहों पर लगे ये कैमरे इंसानों को डिटेक्ट करने की क्षमता रखते हैं और इन इंसानों के डेटा के लीक होने का डर रहता है। दरअसल, एआई कैमरे लोगों की वेशभूषा को पहचान सकते हैं। कैमरे यह पता लगा सकते हैं कि कोई व्यक्ति कहां गया और कितनी देर रुका। चेहरे और शरीर से जुड़ी जानकारी डिजिटल डाटा के रूप में जमा की जा सकती है। अगर यह डेटा गलत हाथों में पहुंच जाए तो इसका दुरुपयोग हो सकता है। एआई कैमरे होने से लोगों को निगरानी में रहने का एहसास हो सकता है।जर्मनी के डिजिटल आर्टिस्ट ने बनायी खास शर्ट डिजिटल क्रांति के इस दौर में जहा...