नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- राहुल मथान,साइबर विशेषज्ञ इस साल की शुरुआत में कोलंबिया में एक दिलचस्प घटना घटी। वहां की सर्वोच्च अदालत ने एक अपील इसीलिए खारिज कर दी, क्योंकि उसके मुताबिक, याचिका में महज सात फीसदी सामग्री ही इंसान द्वारा लिखी गई थी। एआई डिटेक्टर 'विंस्टन' से इसका पता चला, इसलिए (कुछ अन्य वजहों से भी) अदालत ने इसे वैध तरीके से तैयार याचिका मानने से इनकार कर दिया। हालांकि, इस वाकये के कुछ समय बाद वकील इमैनुएल एलेसियो वेलास्केज ने अदालत के उसी फैसले की जांच इसी एआई डिटेक्टर से कराई, तो हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि डिटेक्टर ने उस फैसले का भी 93 फीसदी हिस्सा एआई-रचित बताया। इन दिनों दस्तावेज तैयार करने में एआई के इस्तेमाल को जांचने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सितंबर में एक व्यक्ति ने 'पैंग्राम' टूल की रिपोर्ट पोस्ट करते हुए बताय...