मुजफ्फरपुर, जुलाई 15 -- मुजफ्फरपुर। हाईवे का निर्माण और रखरखाव अब आधुनिक तकनीक के सहारे तेज, सस्ता और सुरक्षित होगा। इसमें पारंपरिक मैनुअल सर्वे की जगह अब ड्रोन लिडार (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग), मोबाइल मैपिंग सिस्टम और एआई का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे न सिर्फ सर्वे का समय घटेगा, बल्कि डिजाइन और मॉनिटरिंग में भी पारदर्शिता आएगी। इस तकनीक से नई परियोजनाओं के साथ ही मौजूदा सड़कों के लिए भी सर्वे किया जाएगा।

सर्वे की प्रक्रिया में बदलाव पहले दस किमी कॉरिडोर के सर्वे के लिए 8-10 सर्वेयर की टीम को 15 से 20 दिन लगते थे, बावजूद डेटा सिर्फ कुछ प्वाइंट तक सीमित रहता था। इसमें ट्रैफिक वाले इलाके या रात में काम करना भी मुश्किल होता था। अब नई एआई तकनीक से यह काम 2-3 लोग और एक ड्रोन या सर्वे गाड़ी की मदद से एक से दो दिन में पूरा हो सकेगा। इसमें पूरा थ...