प्रयागराज, सितम्बर 25 -- एआई अब केवल सवालों के जवाब देने और डेटा का विश्लेषण करने तक सीमित नहीं है। मशीनें अब सीखने, तर्क करने, परिस्थितियों को समझने और निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। भविष्य में यही विकास आर्टिफिशियल सुपर इंटेलिजेंस (एएसआई) की राह खोल सकता है। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में आयोजित तीन दिनी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन शुक्रवार को विशेषज्ञों ने एआई के बदलते स्वरूप और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। जेएनयू के प्रो. देव प्रकाश विद्यार्थी ने कहा कि बड़े डेटा, तेज कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और जनरेटिव एआई ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास को तेज किया है। अब एआई प्रणालियां केवल निर्देशों का पालन नहीं कर रहीं, बल्कि पैटर्न पहचानने, तर्क करने और निर्णय लेने की क्षमता की ओर ...