बरेली, मई 20 -- एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विधि विभाग में मंगलवार को शोधार्थी निधि शंकर का पीएचडी वायवा प्रस्तुतीकरण संपन्न हुआ। शोध का विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स और साइबर लॉ पर तुलनात्मक अध्ययन रहा। कार्यक्रम में बाह्य परीक्षक के रूप में प्रो. जेएस बिष्ट उपस्थित रहे। शोधार्थी ने एआई अपराध, साइबर क्राइम, डेटा सुरक्षा और एआई रेगुलेटरी बॉडी गठन सहित कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने कॉपीराइट एक्ट 1957 और पेटेंट एक्ट 1970 में संशोधन की आवश्यकता बताई। शोध कार्य प्रो. अमित सिंह के निर्देशन में पूरा हुआ। यह भी पढ़ें- बीडी कॉलेज : अपने आइडिया को संपत्ति बनाने के सीखे गुर

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