वाराणसी, मई 17 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक बढ़ता उपयोग चिंताजनक है। त्वरित उपचार और रोगियों की अपेक्षाओं के दबाव में ऐसी दवाएं लिखने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। जबकि चिकित्सा पद्धति में सुविधा कभी भी शुद्धता का स्थान नहीं ले सकती। यह भी पढ़ें- बीएचयू में सयाजी राव गायकवाड़ केंद्रीय ग्रंथालय और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस की तरफ से 'नेविगेट, डिस्कवर, पब्लिश : शेपिंग योर अकादमिक रिसर्च जर्नी विद कैम्ब्रिज' विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया।एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध पर जागरूकता आईएमएस बीएचयू के केएन उडुप्पा सभागार में रविवार को एंटीमाइक्रोबियल एविडेंस टू एक्सीलेंस विषय पर कांफ्रेंस हुआ। कुलपति प्रो. अजित चतुर्वेदी ने एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग से पूर्व उचित ज...