शाहजहांपुर, फरवरी 28 -- मुमुक्षु आश्रम में चल रही श्रीरामकथा के चौथे दिन कथाव्यास विजय कौशल महाराज ने राम जन्म का प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान मनु और शतरूपा की तपस्या तथा भगवान विष्णु द्वारा पुत्र रूप में अवतार लेने के वरदान का वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि त्रेतायुग में भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में राजा दशरथ के यहां जन्म लिया। उस समय राक्षसों के अत्याचार से त्रस्त नर-नारी और ऋषि-मुनि भगवान से रक्षा की प्रार्थना कर रहे थे। कथा में बताया गया कि संतान न होने से राजा दशरथ व्यथित रहते थे। गुरु वशिष्ठ की सलाह पर पुत्रेष्टि यज्ञ कराया गया। यज्ञ प्रसाद ग्रहण करने के बाद उनकी तीन रानियों से चार पुत्रों का जन्म हुआ। श्रीराम के जन्म पर अवध में उत्सव का माहौल बन गया और राजभवन में बधाइयां गूंज उठीं। कथाव्यास ने महाभारत का प्रसंग भी सुनाया। अ...
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