मैनपुरी, दिसम्बर 31 -- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रगति की बैंक शाखावार समीक्षा करते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बैंकों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। कहा कि कुछ बैंक शाखाओं द्वारा आवेदन पत्रों को अकारण निरस्त किया जा रहा है, कई स्वीकृत प्रकरणों में ऋण वितरण में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जबकि अनेक पत्रावलियां अभी तक स्वीकृति के लिए लंबित हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी आवेदन पत्रों को प्राथमिकता पर स्वीकृत कर युवाओं को समय से ऋण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें। समीक्षा में पाया कि विभिन्न बैंकों को 3970 आवेदन पत्र प्रेषित किए, जिनमें से 1168 को स्वीकृति मिली और 1068 मामलों में ऋण वितरण किया। ऋण वितरण में एचडीएफसी, आईडीबीआई, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक तथा इंडियन ओवरसीज बैंक की प्रगति सबसे खराब रही।...
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