वाराणसी, फरवरी 8 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के विधि संकाय आौर प्रॉपर्टी प्रो-लीगल के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'भौगोलिक संकेतक: नवाचार एवं प्रभाव' रविवार को शुरू हुआ। सम्मेलन में देशभर से आए शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भारत में भौगोलिक संकेतकों (जीआई) के उभरते आयामों पर विचार-विमर्श किया। संकाय प्रमुख प्रो. सीपी उपाध्याय ने मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. रजनीकांत का स्वागत करते हुए सम्मेलन की विषयवस्तु की समकालीन सामाजिक-आर्थिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने आर्थिक उदारीकरण के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में भौगोलिक संकेतकों के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने ऋण के दुष्चक्र में फंसे किसानों के अनुभव साझा करते हुए इसे 'सामाजिक प्रदूषण' बताया। साथ ही बचत-साख यो...
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