मथुरा, दिसम्बर 27 -- पंच यज्ञ प्रचारिणी सभा के ऋग्वेद पारायण महायज्ञ के नौवें दिन आचार्य विवेक उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार से 11 वेदियों पर याज्ञिकों से आहुतियां दिलाईं। यज्ञ के बाद मुख्य अतिथि भगवताचार्य धर्मजी महाराज ने कहा कि जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का प्रमुख माध्यम यज्ञ है। उन्होंने कलियुग में ईश्वर उपासना के लिए नियमित रूप से यज्ञ करना आवश्यक है। प्रो. एलपी शर्मा एवं जुगेंद्र भारद्वाज ने कहा कि वेदों का गहन अध्ययन न करने के कारण अनेक भ्रांतियां उत्पन्न होती हैं, जिनका समाधान वेद अध्ययन से संभव है। रामदेव भारद्वाज ने कहा कि वेदों की शिक्षा के प्रचार प्रसार के बिना विश्व में शांति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वेदों का कल्याणकारी चिंतन ही संसार के उपकार का मार्ग प्रशस्त करता है। इस दौरान आयोजकों ने अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर ...