कानपुर, मार्च 10 -- कानपुर, मुख्य संवाददाता। छतों, छज्जों और खिड़कियों से रंगों की बौछार, रंग व गुलाल से सराबोर नाचते-झूमते होरियारे, पिचकारी लेकर दौड़-दौड़कर रंग उड़ेलते बच्चे, फाग-होली गीत गाती टोलियां...। स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक गंगा मेला पर मंगलवार को कनपुरिया होली की मस्ती सुबह से ही चरम पर पहुंच गई। हटिया से ऊंट, घोड़े और ट्रैक्टर ट्रालियों पर रंगों का ठेला निकला तो यह मस्ती और परवान चढ़ गई। बिरहाना रोड पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता में ऊंची-ऊंची अटारियों से खूब रंग बरसा। गीतों पर नृत्य का ऐसा सुरूर छाया कि घंटों पैर थिरकते रहे। गंगा मेला की होली पर शहर में अद्भुत छटा बिखरी। सुबह घरों से ही एक-दूसरे का चेहरा पोतने का सिलसिला शुरू हो गया। बच्चों के आपस में रंग फेंकते ही बड़े भी होरिया उठे। देवर ने भौजाई को रंगा तो भैया ने भी भ...