बरेली, अप्रैल 25 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। उर्स-ए-ताजुश्शरिया के मौके पर मदरसा जामियातुर रजा में आयोजित कार्यक्रम में देश-विदेश से आए उलेमा-ए-इकराम ने समाज सुधार, दीनी तालीम और भाईचारे पर जोर दिया। उलेमा ने अपने बयानों में कहा कि मुसलमानों को अपनी जिंदगी में शरीयत पर अमल को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी आगे बढ़ सके। काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी ने कहा कि दीनी और दुनियावी, दोनों तालीम जरूरी है। शुक्रवार को सीबीगंज मथुरापुर स्थित मदरसे में उलेमा की तकरीर देर रात तक जारी रही। उलेमा ने कार्यक्रम में नसीहत दी कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सकारात्मक उद्देश्य के लिए करें और नफरत फैलाने वाली सामग्री से दूर रहें। यह भी पढ़ें- जलसा-ए-मिलाद में नातिया कलामों से सजा रूहानी समां उन्होंने ताजुश्शरिया की तालीमात और उनकी जिंदगी पर ...