नई दिल्ली, मार्च 16 -- ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू हुए आधा महीने से ज्यादा वक्त बीत गया, लेकिन दिनों-दिन यह उलझता जा रहा है। यह युद्ध बड़ी चिंता ही नहीं, बल्कि मानवता का अपमान है। युद्ध में दोनों तरफ से अतिवादी कदम उठाए जा रहे हैं। युद्ध रोकने की कोशिशें नदारद हैं, पर अमेरिका के ज्यादातर सहयोगी इस युद्ध के लिए तैयार नहीं हैं। तेल का अभाव झेल रही दुनिया जानती है, होर्मुज जलडमरूमध्य पर यातायात का सुचारू होना जरूरी है। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लग रहा था कि वह ईरान पर हावी हो जाएंगे और होर्मुज मार्ग पर असर नहीं पड़ेगा। अब यह काम ट्रंप या उनकी सेना नहीं कर पा रही है, तो उन्होंने चीन और नाटो के सदस्य देशों को एक तरह से ललकारा है कि ये देश इस समुद्री मार्ग को खुलवाने के लिए आगे आएं। इस बीच, सोमवार को कच्चे तेल की कीमत लगभग 105 डॉलर प...