गंगापार, अप्रैल 26 -- भारतगंज कस्बे के गारोपुर में शनिवार रात आयोजित 36वें उर्स सूफी हकीम करीमुल्ला शाह रह की महफिल-ए-मिलाद में अकीदत का माहौल रहा। देर रात तक चली महफिल में शायरों ने अपने उम्दा कलामों से समां बांध दिया। हाफिज कारी खुर्शीद ने "जिसे देख खुदा की याद आये, उस रुख की जियारत करते हैं..." तरन्नुम में पढ़ा, जिसे सुनकर लोग दाद देने पर लगे। उन्होंने "जन्नत का वही हकदार है, जो मां-बाप की खिदमत करते हैं" पढ़कर महफिल में मौजूद लोगों के दिलों को छू लिया। इरशाद रजा बहराइच ने "हम तो बैठे हैं शहादत के लिए..." पढ़कर खूब वाहवाही लूटी। खालिद अंसारी ने अपने अंदाज में कलाम पेश कर महफिल को नई रवानी दी। वहीं मुफ्ती कलीम अंसारी ने सूफियाना अशआर "गदा नवाज़ नजर तूने जब उठाया है..." पढ़कर रूहानी कैफियत में डुबो दिया। वहीं इश्तियाक आलम ने "अहमद का फैज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.