जोधपुर, जुलाई 16 -- राजस्थान की जेल व्यवस्था में पहली बार ऐसा नजारा देखने को मिलेगा, जब किसी जेल परिसर में शहनाई बजेगी, सात फेरे होंगे और विवाह की रस्में पूरी की जाएंगी। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि राजस्थान हाईकोर्ट के एक ऐतिहासिक फैसले के बाद हकीकत बनने जा रहा है। 22 जुलाई को जोधपुर की मंडोर ओपन जेल में दो दोषसिद्ध कैदी विवाह बंधन में बंधेंगे। इसे राजस्थान की जेल सुधार व्यवस्था और कैदियों के पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा और अनोखा कदम माना जा रहा है। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी मूलाराम भाटी और पैरोल पर बाहर चल रही दोषसिद्ध महिला सीमा को विवाह की अनुमति देते हुए कहा कि जेल का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर देना भी है। यह भी पढ़ें- सर, IRCTC बदलन...