नई दिल्ली, जून 17 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने 1993 के कोलकाता बोबाजार बम विस्फोट मामले में उम्रकैद काट रहे मोहम्मद राशिद खान को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली अब केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि सुधारवादी दृष्टिकोण को भी महत्व देती है। अदालत ने कहा कि राशिद खान 3 मार्च 1993 से न्यायिक हिरासत में है और लगभग 33 वर्ष जेल में बिता चुका है। उसे टाडा एवं अन्य अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि जेल में उसका आचरण अच्छा रहा है, उसने सुधार के संकेत दिए हैं और समाज में पुनर्वास की संभावना संबंधी रिपोर्टें भी उसके पक्ष में हैं। यह भी पढ़ें- वे सिद्धांत यहां भी लागू होंगे; 12 साल से जेल में बंद IM के दो संदिग्धों की जमानत पर SC ने दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब उसने य...