आगरा, मार्च 24 -- -निर्माण कार्यों में भी गैस और तेल की किल्लत नजर आने लगी-पैसे और गैस नहीं, बाहर खाने-पीने का सामान हो रहा महंगाआगरा, मनोज मिश्र। दूसरे राज्यों में उम्मीदों की गठरी बांधकर जाने वाले हजारों मजदूर कभी ऐसे हालात से गुजरते हैं जब उन्हें लाचारी समेटकर घर लौटना पड़ता है। कोरोना काल के लॉकडाउन में परदेस जाकर कमाने वालों ने भयावह दिन देखे थे। अब मध्यपूर्व की अशांति का देश के उद्योग-कारोबार पर असर पड़ने से मजदूर फिर मजबूर हो रहे हैं। हालांकि हालात वैसे नहीं है, मगर कई राज्यों में काम कम होने से श्रमिकों को अपने घर की ओर लौटना पड़ रहा है। उद्योगों पर संकट आने से छंटनी शुरू हो गई है।इस समय कई देशों में निर्यात रुक गया है। जो माल बना है वह या तो बंदरगाहों पर फंसा है या फिर कारखानों के गोदामों में पड़ा है। निर्माण कार्य भी कम हो गए है...
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