प्रयागराज, फरवरी 24 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड में न्यायालय ने ट्रायल की धीमी प्रगति पर सख्त रुख अपनाया है। मामले में अब तक आरोप तय (चार्ज फ्रेम) न हो पाने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। अदालत ने सभी अभियुक्तों की उपस्थिति अगली तिथि पर हर हाल में सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त निबंधक अभियोजन संजय सिंह, लोक अभियोजक विमल पाठक के अनुसार, इस प्रकरण में प्रथम आरोपपत्र 26 मई 2023 को अभियुक्त सदाकत खान के विरुद्ध प्रेषित किया गया था। इसके बाद शेष अभियुक्तों के खिलाफ भी क्रमशः आरोपपत्र दाखिल किए जाते रहे। इसके बावजूद अब तक आरोप विरचित नहीं हो सके, जिससे आगे की कार्यवाही ठप है। विशेष न्यायाधीश परवेज अख्तर ने आदेश दिया है कि अगली नियत तिथि पर सभी अभियुक्तों की उपस्थिति भौतिक रूप से अथवा वीडियो कॉन्फ...