उपेक्षा से मिट रहा पुराने कुंओं का अस्तित्व
गंगापार, मई 31 -- कभी बड़ी संख्या में गांवों में प्राचीन कुंए हुआ करते थे, लेकिन समय के साथ इनमें से कई अतिक्रमण, गंदगी और उपेक्षा की भेंट चढ़ गए हैं। कुछ जल स्रोतों को पाटकर समाप्त कर दिया है,जबकि जो बचे हैं वे भी धीरे-धीरे अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। वर्तमान में गांवों में पुराने कुछ कुएं मौजूद हैं, जिनके संरक्षण की आवश्यकता काफी जरूरी है। गांवों में बचे खुचे इन जल धरोहरों के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में पहल की जाए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए इनकी पहचान सुरक्षित रह सकती है। इसी क्रम में यमुनापार क्षेत्र के गांवों में प्राचीन कुएं आज देखरेख के अभाव में अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। कभी ये कुंए राहगीरों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत हुआ करते थे। गौहनिया चौराहे पर पुराना कुआं आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। दो दशक पहले इस कुएं पर...
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