दरभंगा, मार्च 7 -- रखरखाव की कमी से तालाब का स्वरूप धीरे-धीरे खत्म होता चला गया। आज तालाब का जो थोड़ा-बहुत हिस्सा बचा हुआ है, वह भी उपेक्षा का शिकार है। वहां पानी के बजाय घास-फूस और झाड़ियां दिखाई देती हैं। बरसात के मौसम में कुछ दिनों के लिए पानी जरूर जमा हो जाता है, लेकिन साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में वह भी जल्द ही गंदगी में बदल जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तालाब की सफाई और संरक्षण का काम शुरू किया जाता, तो आज इसकी स्थिति इतनी खराब नहीं होती। लेकिन वर्षों से प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण यह तालाब लगभग खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। तालाब पर अतिक्रमण के मुद्दे पर स्थानीय लोग खुलकर बोलने से भी कतराते हैं। उनका कहना है कि इस मामले में आवाज उठाने से विवाद और झगड़े की स्थिति बन सकती है। कई लोग इस कार...