बाराबंकी, अप्रैल 12 -- रामसनेहीघाट, संवाददाता। विकासखंड क्षेत्र के कंधईपुर गांव के बाहर सड़क किनारे वर्ष 2002 में लाखों रुपये की लागत से निर्मित मंडी समिति की दुकानें बदहाली और उपेक्षा का शिकार होकर जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी हैं। वर्षों से उपयोग न होने के कारण यह परिसर खंडहर में तब्दील होता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नजर अब तक इस ओर नहीं पड़ी। ग्रामीणों के अनुसार मंडी परिषद द्वारा यहां 15 पक्की दुकानों का निर्माण कर उनमें शटर लगाए गए थे। व्यापारियों की सुविधा के लिए टीन शेड युक्त दो बड़े चबूतरे, पेयजल के लिए हैंडपंप, दो शौचालय और पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए चारों ओर बाउंड्री वॉल व मुख्य गेट भी बनाया गया था। उद्देश्य था कि क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिले और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।लेकिन निर्माण के बाद अधिकारियों ...