हिन्दुस्तान ब्यूरो, फरवरी 17 -- बिहार विधानसभा में मंगलवार को उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब सत्ता पक्ष के ही एक विधायक ने राज्य में लागू शराबबंदी की समीक्षा की मांग कर दी। राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के विधायक माधव आनंद ने ग्रामीण विकास विभाग के बजट चर्चा के दौरान यह मांग उठाई। हालांकि, नीतीश सरकार में मंत्री विजय चौधरी ने उनकी मांग को खारिज कर दिया। मधुबनी विधायक माधव आनंद ने कहा कि शराबबंदी को सही ढंग से लागू किया जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर उसमें संशोधन भी होना चाहिए। उन्होंने कहा, "सबसे जरूरी यह है कि शराब को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलना चाहिए, लेकिन समीक्षा अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी का फैसला लेने के लिए बहुत जज्बा और बड़ा दिल चाहिए। नीतीश ने वह जज्बा दिखाया था। जब श...