उपासना साधना से पशु प्रवृति पर लगा सकते रोक
सहरसा, मार्च 2 -- सहरसा। गायत्री शक्तिपीठ में रविवार को व्यक्तित्व परिष्कारसत्र आयोजित हुआ। सत्र को संबोधित करते डा अरूण कुमार जायसवाल ने कहा जीवन में जब काम भूख और नींद हावी हो जाए तो यह समझे कि हमारे अंदर पशु प्रवृत्ति की अधिकता हो गई है। इसलिए भावनात्मक परिष्कार बहुत कठिन है। जो उपासना साधना आराधना से विकसित होता है। भूतपूर्व रॉव पदाधिकारी राकेश कुमार ने संबोधित करते हुए कहा इस परिवार में आकर अच्छा लगता है। युवा बच्चों के लिए बहुत ही अच्छा है, जो अच्छा ईन्सान बनने में मदद मिलेगा। कार्यक्रम के दुसरे सत्र में ट्रस्ट की बैठक हुई जिसमें शक्तिपीठ के युवा मंडल,युवती मंडल, महिला मंडल एवं सभी ट्रस्टी एवं। कार्यकारिणी समिति के सभी परिजन उपस्थित थे
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.