जमशेदपुर, फरवरी 2 -- क्षेत्र परिभ्रमण के क्रम में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मुसाबनी प्रखंड अंतर्गत कुईलीसुता गांव में पारंपरिक डोकरा आर्ट से जुड़े कारीगरों से सोमवार को संवाद किया। उपायुक्त ने कारीगरों की आवश्यकताओं, उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल की उपलब्धता, विपणन एवं आमदनी से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। बता दें कि डोकरा आर्ट झारखंड की प्राचीन जनजातीय धातु शिल्प कला है। यह कला न केवल सांस्कृतिक धरोहर है बल्कि आत्मनिर्भर भारत एवं वोकल फॉर लोकल की भावना से भी जुड़ी हुई है। उपायुक्त ने कारीगरों को आश्वस्त किया कि डोकरा कला के उत्पादों को स्थानीय, राज्य एवं राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बाजार की मांग के अनुरूप डिज़ाइन, फिनिशिंग एवं पैकेजिंग को लेकर परामर्श एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। डोकरा आर्ट के लिए प्रसिद्...