सहारनपुर, अगस्त 9 -- 23 साल पुरानी कैंसर सर्जरी को छिपाने का आरोप लगाकर स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी निरस्त करना और इलाज का क्लेम रोकना बीमा कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी की कार्रवाई को सेवा में कमी माना है। आयोग ने बीमा कंपनी को 2014 से इलाज पर खर्च हुई धनराशि ब्याज सहित वापस करने के साथ ही शारीरिक मानसिक उत्पीड़न व वाद खर्च के तौर पर 95 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। मामले में एचडीएफसी एग्रो जनरल इंश्योरेंस कंपनी (पहले अपोलो म्यूनिख) ने डीएम आवास रोड निवासी परिवादिनी सुरेंद्र कौर का इलाज क्लेम इस आधार पर निरस्त कर दिया था कि उसने पॉलिसी लेते समय 23 वर्ष पूर्व हुई स्तन कैंसर की सर्जरी (मैसटेकटोमी) की जानकारी छिपाई थी। इस पर उपभोक्ता आयोग ने कंपनी के प्रपोजल फार्म...