उपग्रह, एआई और ड्रोन डाटा से दुर्गम क्षेत्रों में बिछ रहा सड़कों का जाल
नई दिल्ली, जून 25 -- केंद्र सरकार की नई नीति से सरहद पर बुनियादी ढांचा खड़ा करने की राह बेहद आसान हो गई है। सरकार ने चीन और पाकिस्तान से सटी सीमावर्ती व रणनीतिक सड़क परियोजनाओं के लिए 'ड्रोन एनालिटिक्स मॉनिटरिंग सिस्टम' (डीएएमएस) को अनिवार्य कर दिया है। इस तकनीक की बदौलत लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक इंजीनियर अब मौके पर जाए बगैर सिर्फ सैटेलाइट डाटा, एआई-ड्रोन और क्लाउड-बेस्ड एनालिटिक्स की मदद से दुर्गम पहाड़ियों पर हाईवे और टनल का जाल बिछा रहे हैं। इससे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा भी मजबूत हुई है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय और एनएचआईडीसीएल द्वारा पिछले महीने लागू की गई इस व्यवस्था ने न केवल निर्माण की रफ्तार बढ़ा दी है, बल्कि देश की रणनीतिक सुरक्षा को भी अभेद्य बना दिया है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले दुर्गम पहाड़ि...
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