उपकेन्द्रों की क्षमता नहीं बढ़ी, तो बढ़ेगा बिजली संकट - उपभोक्ता परिषद
लखनऊ, जुलाई 5 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता बिजली उपकेन्द्रों की क्षमता और उपभोक्ताओं के लोड के बीच का अंतर दो करोड़ किलोवाट से ऊपर पहुंच गया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अगर उपभोक्ताओं का भार लगातार बढ़ाया जाता रहेगा, लेकिन उसी अनुपात में नए उपकेंद्र, पावर ट्रांसफॉर्मर और वितरण लाइनें नहीं जोड़ी जाएंगी, तो प्रदेश में बिजली व्यवस्था पर दबाव और बढ़ेगा।आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में 132 केवी के लगभग 480 उपकेंद्र हैं, जिनकी कुल स्थापित परिवर्तन क्षमता 69,529 एमवीए है। अवधेश ने कहा कि 0.9 पावर फैक्टर के आधार पर यह लगभग 6.26 करोड़ किलोवॉट के बराबर है। दूसरी ओर प्रदेश के उपभोक्ताओं का कुल संयोजित विद्युत भार लगभग 8.57 करोड़ किलोवॉट तक पहुंच चुका है यानी उपभोक्ताओं के संयोजित भार और वितरण तंत्र की उपलब्ध...
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