लखनऊ, मई 8 -- चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में मरीजों की सुविधाओं को ताक पर रखकर बरती जा रही लापरवाही पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। संस्थान प्रशासन की हीलाहवाली का आलम यह है कि उपकरणों और फर्नीचर की खरीद के लिए 9 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया 19 करोड़ रुपये का बजट छह माह तक इस्तेमाल न होने के कारण वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर वापस लौट गया। मरीजों के हितों से जुड़ी इस गंभीर चूक पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तीखे सवाल किए हैं। शासन ने न केवल टेंडर प्रक्रिया में हुई लेटलतीफी पर जवाब मांगा है, बल्कि जेम पोर्टल के नियमों को दरकिनार कर 'कस्टम बिड' लगाए जाने पर भी रिपोर्ट तलब की है। 22 अप्रैल को भेजे गए नोटिस का 15 दिन बाद भी कोई जवाब न मिलने पर संयुक्त सचिव आनंद कुमार त्रिपाठी ने 7 मई को दोबारा पत्र भेजकर कड़ा स्पष्टीकरण मांगा है। बार-...