नई दिल्ली, मार्च 9 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को किसी भी आपराधिक मामले, जिसमें पीड़ित के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं, उसमें उन्हें (पीड़ित) को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। शीर्ष अदालत ने उन्नाव में नाबालिग से दुष्कर्म के जुर्म में दोषी ठहराए गए भाजपा से निष्कासित नेता व पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत को चुनौदी देने वाली याचिका में पीड़िता को पक्षकार बनने की अनुमति देते हुए यह टिप्पणी की है। उच्च न्यायालय ने दोषी सेंगर को विशेष अदालत से मिली उम्रकैद की सजा को स्थगित करते हुए, उन्हें जमानत दे दी थी।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने पीड़िता को मामले में पक्षकार बनने की इजाजत देते हुए, उन्हें दो सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए हलफनामा दाखिल करने को कहा है। पीठ ने लख...
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