कटिहार, अगस्त 30 -- कटिहार, निज प्रतिनिधि। आर्टिफिशियल इंसीमेशन (एआई) से अब बकरियों का कृत्रिम गर्भाधान कराया जाएगा। इससे बकरियों की नस्ल में सुधार होगा। अब तक साधारण तरीके से ही बकरियों का कृत्रिम गर्भाधान कराया जाता है। इससे कृत्रिम गर्भाधान से जन्म लेने वाले मेमने के नस्ल का पता नहीं लग पाता है। एआई गर्भाधान से बरबरी, बीटल, जमुनापारी, जकराना आदि उन्नत नस्ल के बकरी व बकरे पैदा होंगे। गया जी में राज्य सरकार द्वारा बकरी सीमेन स्टेशन की स्थापना की जा रही है।

बकरी सीमेन स्टेशन सीमेन स्टेशन से बकरियों के नस्ल सुधार के लिए सीमेन विभिन्न जिलों में भेजा जाएगा। पशुपालन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में करीब छह लाख बकरियों का पालन किया जाता है। यह गणना पिछले वर्ष की है। इस वर्ष पशु गणना की रिपोर्ट अभी भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक नहीं की ...