बेगुसराय, अप्रैल 23 -- खोदावन्दपुर, निज प्रतिनिधि। संतुलित उर्वरक प्रयोग, मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन एवं उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी किसानों को देने के उद्देश्य से सतत चलने वाले जागरूकता कार्यक्रम के पहले दिन गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र खोदावंदपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. राम पाल ने बताया कि असंतुलित उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता में गिरावट आती है जिससे फसल उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के प्रयोग की सलाह दी। इससे कृषि कार्य के लागत में कमी और फसल उत्पादन में वृद्धि संभव है। डा. राम पाल ने बताया कि नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश के साथ-साथ जिंक, बोरॉन एवं सल्फर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक...