बिजनौर, जनवरी 24 -- सोना-चांदी की कीमतों में लगातार हो रहे बेतहाशा उतार-चढ़ाव ने सराफा कारोबार के वर्षों पुराने उसूलों को झकझोर कर रख दिया है। उधारी पर माल लेकर व्यापार करने की परंपरा अब तेजी से कमजोर पड़ रही है। सराफा कारोबारियों ने नकद भुगतान को ही सुरक्षित रास्ता मानते हुए उधारी लेनदेन में काफी ज्यादा कटौती कर दी है। बाजार का मिजाज बदल चुका है। अब बाजार में कम कारोबार, लेकिन सुरक्षित दाम का मंत्र काम कर रहा है। वरिष्ठ सराफा कारोबारी अतुल सराफ कहते हैं कि पहले भरोसे के आधार पर उधारी दी जाती थी, लेकिन मौजूदा हालात में वही भरोसा सबसे बड़ा जोखिम बन गया है। सोने-चांदी की कीमतें जिस तेजी से बदल रही हैं, उसमें उधारी का माल घाटे में बदलते देर नहीं लगती। कई बार तो कीमत गिरने से पूरी रकम डूब जाती है। उनके अनुसार, फोन पर एडवांस बुकिंग भी अब लगभग बंद...
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