गोरखपुर, अक्टूबर 28 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता गीता प्रेस रोड स्थित दीवान दयाराम बाजार में थोक कपड़ा कारोबारी संजय कुमार ने सिद्धार्थनगर के व्यापारी को क्रेडिट पर कपड़ा दिया। कुछ नकद मिला लेकिन धीरे-धीरे उधारी की रकम 18 लाख रुपये पहुंच गई। लंबी उधारी होने के बाद व्यापारी ने कपड़ा लेना बंद कर दिया। ऊपर से देनदारी को लेकर भी आनाकानी शुरू कर दी। भागदौड़ के बाद भी रकम नहीं मिली तो थोक कारोबारी को 138 एनआईए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराना पड़ा। दो साल बाद भी उधारी मिली नहीं ऊपर से मुकदमा लड़ने में हजारों रुपये खर्च हो गए। ऐसी उधारी देकर सिर्फ संजय ही नहीं फंसे हैं, उनके जैसे 40 से अधिक मामले सिर्फ कपड़े की थोक मंडी में हैं। दरअसल, कपड़ा का कारोबार उधारी पर टिका है। आमतौर पर फुटकर कारोबारी कपड़ा बेचकर किस्तों में देनदारी चुकता कर देते हैं। लेकि...
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