सराईकेला, जुलाई 13 -- खरसावां,संवाददाता। खूंटपानी के उद्यान महाविद्यालय में हेल्प-423 मॉड्यूल के तहत स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जामुन एवं खजूर के मूल्य संवर्धन विषय पर प्रायोगिक गतिविधि आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय फलों की कटाई के बाद होने वाली क्षति को कम करना, किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए आय सृजन के नए अवसर विकसित करना था। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों ने वैज्ञानिक विधि से जामुन और खजूर का प्रसंस्करण कर कई मूल्य वर्धित उत्पाद तैयार किए। इनमें जामुन रेडी टू सर्व पेय, जामुन फ्रूट और खजूर की चटनी प्रमुख रहे। इन उत्पादों को तैयार करते समय स्वाद, गुणवत्ता, पोषण और शेल्फ लाइफ बढ़ाने पर ध्यान दिया गया। यह भी पढ़ें- खजूर के बीजों का कमाल! घर पर बनाएं कॉफी जैसा स्वाद देने वाला पाउडरविशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों के अनुसार यह पेय कोल...