चतरा, जनवरी 16 -- मयुरहंड प्रतिनिधि सरकार की ओर से ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रही है। मयूरहंड प्रखंड के मंधनिया गांव में 13 लाख की लागत से बना स्वास्थ्य उपकेंद्र इसका ताजा उदाहरण है। विडंबना यह है कि जिस भवन को मरीजों के इलाज के लिए तैयार किया गया था, वह अपना विधिवत उद्घाटन होने से पहले ही जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो गया है। योजना 2008-09 में पूरा किया गया था। उद्घाटन से पहले ही दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। छत से प्लास्टर गिर रहा है और फर्श भी धंसने लगा है। खिड़की और दरवाजे या तो टूट चुके हैं या चोरी हो गए हैं। पूरे परिसर में झाड़ियाँ उग आई हैं, जिससे यह उपकेंद्र अस्पताल के बजाय असामाजिक तत्वों का अड्डा और मवेशियों का तबेला बन गया है। ग्रामीणों ने विभाग पर नाराजगी जाहिर कर...