सासाराम, अप्रैल 12 -- डेहरी, एक संवाददाता। स्कूलों में खासकर प्राइवेट विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों पर किताबों का बोझ भारी पड़ रहा है। छोटी सी उम्र में स्कूली बस्ते के बोझ तले बच्चे कराहने को विवश हैं। वहीं चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि बचपन में पीठ पर ज्यादा बोझ बच्चों के लिए नुकसानदायक है।

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