सोनभद्र, अप्रैल 12 -- अनपरा,संवाददाता। निजीकरण के विरोध में चलाये जा रहे आंदोलन को लेकर बिजली कर्मियों पर की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तत्काल वापस नहीं ली गईं, तो आने वाली भीषण गर्मियों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन की होगी।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की रविवार को लखनऊ में आयोजित बैठक मे सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए किसी भी कर्मचारी या अभियंता पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करता है, तो बिजली कर्मी कार्यस्थल पर काम छोड़कर बाहर आने को बाध्य होंगे और इसके लिए प्रबन्धन जिम्मेदार होगा।बैठक में प्रदेश भर से घटक संगठनों के लगभग एक हजार से अधिक कर्मचारी-अभियंता पदाधिकारियों ने भाग लिया। समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने ब...