आगरा, अगस्त 28 -- शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7 आवास विकास कॉलोनी में गुरुवार को पर्यूषण पर्व की शुरुआत हुई। पर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म के रूप में मनाया गया। भगवान श्री शांतिनाथ का अभिषेक स्वर्ण कलश से किया गया और पांडुक शिला पर विराजमान भगवानों का लगभग सौ इंद्रों ने अभिषेक करने का पुण्य अर्जित किया। इस अवसर पर अंशुल शास्त्री ने कहा कि उत्पात कायरता है क्योंकि उत्पाती व्यक्ति अपने अन्तर में उठने वाले बैर, क्रोध एवं अहंकार आदि शत्रुओं के समक्ष अपने घुटने टेक चुका होता है। आत्म विजेता कभी उत्पात नहीं कर सकता, अहंकारी व क्रोधी किसी को माफ नहीं कर सकता। क्षमाभाव आत्म विजय का प्रतीक है। श्री कृष्ण ने शिशुपाल की सौ गलतियों को क्षमा कर दिया। ईसा मसीह ने अपने क्रॉस पर लटकाने वालों को क्षमा करने की बात कही। प्रभु राम ने कैकयी के अपरा...