औरंगाबाद, जून 5 -- खरीफ फसलों की खेती का मौसम शुरू हो चुका है और रोहिणी नक्षत्र के दौरान किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं। सिंचाई को लेकर चिंता बनी हुई है क्योंकि निर्माण कार्य में देरी हो रही है और नहरों में कई समस्याएं हैं। यह भी पढ़ें- बरहन में सीचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने की मांगकिसानों की चिंताएं जिले के बड़े हिस्से की खेती उत्तर कोयल नहर परियोजना पर निर्भर है, लेकिन उत्तर कोयल मुख्य नहर के रिमॉडलिंग कार्य की धीमी प्रगति किसानों की चिंता बढ़ा रही है। यह भी पढ़ें- बच्चों की जनसमस्या वाली खबर का कोटनिर्माण की देरी जानकारी के अनुसार भीम बराज, मोहम्मदगंज से अंतिम छोर तक लगभग 109 किलोमीटर लंबाई में 11 पैकेजों के तहत रिमॉडलिंग कार्य कराया जा रहा है।नहरों में समस्याएं किसानों का कहना है कि मुख्य नहर के 46.46 किलोमीटर के स...