नई दिल्ली, नवम्बर 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने उपनल द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को नियमित करने से जुड़े मामले में उत्तराखंड सरकार को राहत देने से इनकार करते हुए, 15 अक्टूबर, 2024 को पारित अपने फैसले की समीक्षा करने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत के इस फैसले से बड़ी संख्या में उपनल द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को नियमित होने का रास्ता साफ हो गया है। जस्टिस विक्रम नाथ और पीबी वराले की पीठ ने राज्य सरकार की ओर से दाखिल समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया। हाल ही में पारित अपने आदेश में पीठ ने कहा है कि '15 अक्टूबर 2024 को पारित उसके फैसले में किसी भी प्रकार की स्पष्ट त्रुटि नहीं है, इसलिए उसकी समीक्षा या पुनर्विचार का कोई आधार नहीं बनता। उत्तराखंड सरकार ने समीक्षा याचिकाओं के जरिए वर्ष 2019 से 2021 के बीच दायर कई विशेष अनुमति याचिकाओं और सिविल अपीलों म...
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