देहरादून, अगस्त 10 -- Disaster Threat in Uttarakhand: उत्तराखंड में धराली जैसी प्राकृतिक आपदाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सीमांत पर्वतीय जिलों में मलबे के बहाव का खतरा जांचने के लिए एक अध्ययन किया है। जियो स्पेशियल मैपिंग और मैदानी आकलन के आधार पर उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कुल 49 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां भविष्य में मलबे के तेज बहाव से भारी तबाही हो सकती है। इनमें से 11 हाई रिस्क जोन हैं। इस अध्ययन में क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, पुराने भूस्खलन के निशान, ग्लेशियर, ड्रेनेज चैनल और वहां मौजूद आबादी व सड़कों का बारीकी से आकलन किया गया है। यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में आज दिन भर बारिश, 2 दिन बिजली गिरने की चेतावनी; कहां-कहां अलर्ट11 हाई रिस्क जोन रिपोर्ट के अनुसार, 49 संवेदनशील स्थानों में ...