नई दिल्ली, अक्टूबर 12 -- चांद मोहम्मद, देहरादून उत्तराखंड में मदरसों की नई व्यवस्था लागू होने के बावजूद बच्चों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सवा तीन महीने बाद भी पीएम पोषण योजना के तहत भोजन देने पर स्पष्ट आदेश नहीं हुआ है। कई मदरसों में एनसीईआरटी की किताबें अधूरी हैं। कक्षा आठ तक धार्मिक शिक्षा का पाठ्यक्रम तैयार होने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया है। सरकार धार्मिक शिक्षा की किताबें उपलब्ध कराएगी या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है। उत्तराखंड में 452 पंजीकृत मदरसों में 227 खुद बंद हो गए, जबकि 19 को सील किया जा चुका है। मदरसा बोर्ड 30 जून 2026 को खत्म होने के बाद अब तक शिक्षा विभाग से 76 व अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से 35 मदरसों को मान्यता मिली है। इसके बावजूद बच्चों को भोजन और किताबों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। देहरादून, हरि...